ग्रीन गैस का 13 रुपये बकाया चुकाने के चक्कर में एक कारोबारी अपने खाते में जमा 10.87 लाख रुपये गंवा दिए। एपीके फाइल पर क्लिक कराकर वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कैलाशपुरी रोड पर निर्मल अपार्टमेंट के रहने वाले नेकराम के मोबाइल पर 20 अगस्त की शाम अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस लिमिटेड का कर्मचारी बताया। कहने लगा कि आपके ग्रीन गैस के बिल में 13 रुपया बकाया दिख रहा है। मीटर अपडेट होना है। आपके नंबर पर फाइल भेजी है, उसे खोल कर बिल जमा कर दीजिए। वरना आपका गैस कनेक्शन काटना पड़ेगा। पीड़ित नेकराम ने बताया कि कनेक्शन काटने की बात से डर कर उन्होंने कॉल करने वाले के कहे अनुसार काम कर दिया। इसके बाद साइबर अपराधियोंं ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। दो दिन के अंदर उनके तीन खातों से 10.87 लाख रुपये निकल गए। उन्होंने पहले साइबर क्राइम हेल्पलाइन और फिर थाना साइबर क्राइम में शिकायत की। पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के नंबर और खातों की जांच कर रही है। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि शहर में ग्रीन गैस लिमिटेड के करीब 1 लाख कनेक्शन हैं। वर्तमान में लगातार इस तरह की ठगी की शिकायतें आ रही हैं। संभवत: साइबर अपराधियों के पास कनेक्शन धारकों का डाटा है। किसी भी नंबर से आई एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करें। अधिकृत साइट्स का ही इस्तेमाल करें।