दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेनों में कन्फर्म टिकट की मारामारी शुरू हो गई है। बीती 10 अक्टूबर को दिल्ली में कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के मद्देनजर आगरा-दिल्ली मार्ग की दो दर्जन ट्रेनें निरस्त कर दी गई थीं। इस वजह से एक हजार से अधिक यात्रियों ने अपने टिकट रद कराए थे, जिससे सीटों की उपलब्धता बढ़ने से वेटिंग लिस्ट का ग्राफ गिर गया था। हालांकि, अब त्योहार नजदीक आते ही लंबी दूरी की ट्रेनों में एक बार फिर वेटिंग बढ़ने लगी है। सोमवार 12 से 20 अक्टूबर की यात्रा के लिए उपलब्ध टिकट स्थिति के अनुसार, बेंगलूरू जाने वाली कर्नाटक एक्सप्रेस के स्लीपर में 24, थर्ड एसी में 19 और सेकंड एसी में सात की वेटिंग है। राजधानी एक्सप्रेस के थर्ड एसी में 14, सेकंड में छह और फर्स्ट एसी में एक की वेटिंग बनी हुई है। जम्मू तवी जाने वाली झेलम एक्सप्रेस के स्लीपर में 40, थर्ड एसी में 21 और सेकंड एसी में छह की वेटिंग है। पुणे जाने वाली गोवा एक्सप्रेस के स्लीपर में 78 और थर्ड एसी इकॉनमी में 25 की वेटिंग है। पुणे जाने वाली झेलम एक्सप्रेस के स्लीपर में 19, थर्ड एसी में 10 और सेकंड एसी में पांच की वेटिंग है। अहमदाबाद जाने वाली गर्भा एक्सप्रेस के स्लीपर में नौ, थर्ड एसी में 10 और सेकंड एसी में पांच की वेटिंग है। त्योहारों पर घर जाने के लिए यात्री पहले से आरक्षण करा रहे हैं। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों के संचालन के बावजूद नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग कम नहीं हो रही है।