आगरा में स्तन में गांठ मिली तो चिंता बढ़ी। कैंसर निकला तो सर्जरी होगी। बाल झड़ जाएंगे। स्तन हटाना पड़ा तो कैसी दिखूंगी। कहीं पति साथ न छोड़ दे। बच्चों को स्तनपान कैसे कराऊंगी। ऐसी ही आशंकाओं और भ्रांतियों ने महिलाओं के कदम इलाज की ओर बढ़ने से रोक दिए। नतीजा, मर्ज दूसरी-तीसरी स्टेज तक पहुंच गया। एसएन मेडिकल कॉलेज में 95 महिलाओं पर हुए शोध में इलाज में देरी के पीछे ऐसे ही डर और सामाजिक कारण सामने आए हैं।