जिला परिषद शिमला की बैठक चलौंठी में शुरू हुई। बैठक में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विकास और जनसमस्याओं को लेकर चर्चा की गई। सदस्यों ने सड़क, परिवहन और अन्य स्थानीय मुद्दों को सदन के सामने रखा। बैठक के दौरान सेंज से देह चौपाल-नेरवा-फडेचपुल सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का प्रस्ताव सदन में लाया गया। इस प्रस्ताव के जरिए इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने की मांग उठाई गई। जिला परिषद की बैठक में कुफरी से चायल सड़क की मरम्मत को लेकर भी सवाल उठाया गया। सड़क की स्थिति और लोगों को हो रही परेशानी को लेकर सदन में चर्चा हुई। इसके साथ ही क्षेत्र में बसों की समस्या से जुड़े सवाल भी बैठक में उठे। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में परिवहन सुविधा लोगों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है, ऐसे में बैठक में बस सेवा से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में पहले उठाए जा चुके पुराने सवालों को सदन से हटाने को लेकर भी प्रस्ताव लाया गया। चर्चा के बाद इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। इससे जिला परिषद की बैठकों में लंबित और पुराने सवालों को लेकर आगे की कार्यवाही का रास्ता साफ होगा। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष भोपेंद्र सिसोदिया, उपाध्यक्ष भरत सिंह कलांटा, अतिरिक्त उपायुक्त सहित जिला परिषद के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उठाए गए सड़क और परिवहन से जुड़े मुद्दे सीधे तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही और संपर्क व्यवस्था से जुड़े हैं। खासकर चौपाल-नेरवा क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो इस मार्ग के विकास को लेकर आगामी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल बैठक में प्रस्ताव और विभिन्न सवालों पर चर्चा का दौर जारी है।