शिमला में लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने में फेल नगर निगम शहर की जनता से मजाक कर दिया। शांकली में बच्ची को काटने की घटना के बाद नगर निगम ने हेल्पलाइन के नाम पर गलत नंबर जारी कर दिया। यही नहीं, जिस कुत्ते ने बच्ची को लहूलुहान किया था, उसकी जगह दूसरा कुत्ता पकड़कर ले आए। नगर निगम की इस लापरवाह कार्यप्रणाली से गुस्साए लोगों ने बच्ची के परिजनों और शिमला नागरिक सभा के साथ मिलकर मंगलवार को नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंजलि चौहान का घेराव कर दिया। बोले कि निगम अधिकारी फोन तक नहीं सुनते, आखिर शिकायत किससे करें। बच्ची के उपचार का खर्चा देने का दावा निगम ने किया लेकिन अभी भी परिजनों को अपना पैसा खर्च करना पड़ रहा है। वहीं गदर फ्रंट के प्रतिनिधियों ने भी अध्यक्ष रवि कुमार की अगुवाई में मंगलवार को नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं की लावारिस कुत्तों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।