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शिमला: हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का तीसरा दीक्षांत समारोह, पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना समेत तीन हस्तियों को मानद उपाधि

हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला का तीसरा दीक्षांत समारोह रविवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के समरहिल स्थित ज्ञान पथ सभागार में आयोजित किया जा रहा है। समारोह में स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जा रहा है, जबकि तीन प्रतिष्ठित न्यायिक हस्तियों को मानद उपाधियां दी जा रही हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और विश्वविद्यालय के आगंतुक न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश समारोह की अध्यक्षता कर रहे हैं और दीक्षांत भाषण दे रहे हैं। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हैं। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की ओर से भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव और झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान को मानद उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। विश्वविद्यालय ने न्यायिक क्षेत्र में उनके योगदान के सम्मान में यह निर्णय लिया है। वर्ष 2020 से 2025 के स्नातक बैच की श्रुतिका साहा को आपराधिक कानून में केके लूथरा स्मृति स्वर्ण पदक दिया जा रहा है। कनिष्का गोयल को चार स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जा रहा है। इनमें तरसेम कुमार स्वर्ण पदक, श्याम सुंदर गोयल स्मृति स्वर्ण पदक, संस्थापक कुलपति स्वर्ण पदक और न्यायमूर्ति धर्म पॉल सूद स्वर्ण पदक शामिल हैं। सौम्या शर्मा को संस्थापक कुलाधिपति स्वर्ण पदक और छात्रवृत्ति पुरस्कार, जबकि श्रेया सिंह को न्यायमूर्ति राजीव शकधर स्वर्ण पदक प्रदान किया जा रहा है। वर्ष 2021 से 2026 के स्नातक बैच में साक्षी अरोड़ा को आपराधिक कानून में केके लूथरा स्मृति स्वर्ण पदक दिया जा रहा है। आस्था महेश साबू को चार स्वर्ण पदक मिल रहे हैं। इनमें तरसेम कुमार स्वर्ण पदक, श्याम सुंदर गोयल स्मृति स्वर्ण पदक, संस्थापक कुलपति स्वर्ण पदक और न्यायमूर्ति राजीव शकधर स्वर्ण पदक शामिल हैं। वैभव भारद्वाज को संस्थापक कुलाधिपति स्वर्ण पदक और छात्रवृत्ति पुरस्कार, जबकि प्रकृति लटवाल को न्यायमूर्ति धर्म पॉल सूद स्वर्ण पदक प्रदान किया जा रहा है। विधि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के वर्ष 2024-25 के समग्र अव्वल विद्यार्थी सुदर्शन सत्यवान लांडगे और वर्ष 2025-26 की समग्र अव्वल विद्यार्थी चाहत गौतम को संस्थापक कुलपति स्वर्ण पदक दिया जा रहा है। समारोह में विधि विषय में शोध उपाधि करने वाले शोधार्थियों के साथ विधि स्नातकोत्तर, कला स्नातक एवं विधि स्नातक सम्मान और व्यवसाय प्रशासन स्नातक एवं विधि स्नातक सम्मान पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को भी उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ न्यायिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को मानद उपाधियां प्रदान की जा रही हैं।

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