राजधानी शिमला में भाजपा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चुनाव के दौरान किए गए वादों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। 15 सितंबर को सीटीओ चौक पर हुए भाजपा के प्रदर्शन की रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें कार्यकर्ताओं की ओर से महिलाओं को 1500 रुपये नहीं मिलने और चुनावी वादे पूरे नहीं होने को लेकर विरोध जताने की बात कही गई है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले जनता के सामने 10 गारंटियां रखी थीं, लेकिन इनमें से कई वादे अभी भी पूरे नहीं हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को जनता के सामने अपनी गारंटियों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने बेरोजगार युवाओं का मुद्दा भी उठाया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि युवाओं को पक्के रोजगार का वादा पूरा नहीं किया गया और नौकरियों के मामले में सरकार ने युवाओं को निराश किया है। यह मुद्दा हिमाचल विधानसभा में भी विपक्ष और सरकार के बीच बहस का विषय रहा है। अगस्त 2026 में रोजगार और रिक्त पदों को लेकर भाजपा विधायकों ने सवाल उठाए थे, जिस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा था कि सरकार रोजगार के अवसर पैदा करने और आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में काम कर रही है। भाजपा ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर अपने चहेते लोगों को नौकरियां देने का आरोप भी लगाया। यह भाजपा का आरोप है, इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता। प्रदर्शन में महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता देने के वादे को लेकर भी भाजपा ने सरकार को घेरा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी पूरी तरह लागू नहीं की गई और जिन महिलाओं को राशि मिली, उन्हें भी सीमित भुगतान हुआ। हालांकि, सरकार की मौजूदा योजना के तहत सितंबर 2026 में करीब 1.80 लाख परिवारों की 2.50 लाख महिलाओं को 1500-1500 रुपये देने की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। इसलिए भाजपा के आरोप को खबर में आरोप के रूप में ही रखा जाना जरूरी है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने भी महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी के दायरे और पात्रता को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि बेरोजगार युवा, महिलाएं, कर्मचारी और छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। पार्टी ने सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने और विभिन्न वर्गों की समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई। वहीं, यह भी उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर से पहले 10 गारंटियां पूरी होने का दावा किया जा चुका है। मई 2026 में कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि सरकार ने अपनी सभी 10 गारंटियां पूरी कर दी हैं और विपक्ष से पूछा था कि कौन-सी गारंटी पूरी नहीं हुई। ऐसे में 10 गारंटियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के दावों में स्पष्ट अंतर है। भाजपा जहां कई वादों के पूरा न होने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस सरकार इन्हें पूरा किए जाने का दावा कर चुकी है। शिमला में हुए इस प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने सरकार की चुनावी गारंटियों, रोजगार और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करवाया। भाजपा ने इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सरकार की गारंटियों और नीतियों को लेकर प्रदर्शन किए हैं। सितंबर में मंडी में भी भाजपा ने सरकार की 10 गारंटियों को लेकर प्रदर्शन किया था।