अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर मामले का अलवर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सचिन मीणा समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार वारदात पूर्व रंजिश के चलते योजनाबद्ध तरीके से की गई थी।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रियंका रघुवंशी, सीओ उत्तर शहर राजेश कसाणा, पुलिस उप अधीक्षक दिलीप तन्मय और सीओ यातायात अंगद शर्मा के सुपरविजन में अरावली विहार थाना पुलिस, डीएसटी और पांच थानों की टीमों का गठन किया गया।
परिवादी के अनुसार 12 सितंबर की रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच उसका बेटा अपने दो दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से लक्ष्मीनगर काली मोरी नाले के पास से जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर स्विफ्ट कार से पीछे से टक्कर मारकर तीनों को गिरा दिया। इसके बाद सरियों, डंडों, धारदार हथियारों और पत्थरों से उन पर हमला किया गया, जिससे तीनों की मौत हो गई।
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मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों की पहचान की गई। लगातार दबिश के बाद मुख्य आरोपी सचिन मीणा, सागर मीणा, अमित उर्फ पल्टा, महेश सैनी और तन्मय उर्फ तन्नू को दस्तयाब किया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने एक स्विफ्ट कार और दो मोटरसाइकिलों से पीछा कर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर अनुसंधान जारी है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे आवेश में आकर कानून अपने हाथ में न लें और अपना तथा अपने परिवार का भविष्य संकट में न डालें।