पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी टकराव तेज होता नजर आ रहा है। शनिवार को लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बिट्टू पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में किसान मेले के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री मान के काफिले के रास्ते में शराब की बोतल लेकर खड़े हो गए। उन्होंने बोतल काफिले की ओर उठाते हुए कहा कि वह इसे मुख्यमंत्री को वापस करने आए हैं। बिट्टू ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपनी शराब का आनंद लें और अरविंद केजरीवाल को दिल्ली से पंजाब को ‘लूटने’ की छूट देते रहें। इसके बाद पुलिस ने बिट्टू को हिरासत में ले लिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब भाजपा ने पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है और आम आदमी पार्टी भी लुधियाना से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर रही है। भाजपा की यात्राएं 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजर रही हैं। बटाला में काफिले पर अंडे फेंकने का लगाया था आरोप बिट्टू ने शुक्रवार को बटाला के पास अपने काफिले पर अंडे फेंके जाने का आरोप लगाया था। वह भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे। बिट्टू ने आरोप लगाया था कि उनके काफिले को निशाना बनाया गया और उनकी सुरक्षा टीम ने तीन लोगों को पकड़ लिया। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति को शांत कराया गया। बिट्टू ने इस घटना के लिए आप नेताओं पर आरोप लगाए थे, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लुधियाना में प्रदर्शन के दौरान बिट्टू ने बटाला की घटना का जवाब देते हुए अंडे और टमाटर भी वापस करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर आप कार्यकर्ता भाजपा नेताओं, रैलियों और यात्राओं के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं तो भाजपा कार्यकर्ता भी पंजाब सरकार और उसके नेताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार रखते हैं।