फरीदकोट में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने कृषि क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में पावरकॉम कार्यालय का घेराव कर धरना दिया। इस दौरान जिले भर से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कृषि क्षेत्र को पर्याप्त और निर्बाध बिजली सप्लाई देने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता भूपिंदर सिंह औलख, सुरजीत सिंह बराड़, सुखदेव सिंह फौजी, ऋषिपाल सिंह बराड़, डिप्टी सिंह नथी वाला, राजवीर सिंह जीला सहित पेंशनर नेता वीर इंद्रजीत सिंह पुरी ने कहा कि मानसून की कमी के कारण इस सीजन में धान की फसल पहले ही प्रभावित हो रही है। ऐसे में पर्याप्त बिजली सप्लाई नहीं मिलने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 20 दिनों से राज्यभर में बिजली के अघोषित कट लगाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से किसानों को कृषि क्षेत्र के लिए 8 घंटे बिजली सप्लाई देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को महज 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसके चलते धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है और पैदावार प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे के धरनों के आह्वान के बाद बिजली सप्लाई में कुछ बढ़ोतरी जरूर की गई है, लेकिन किसानों की मांग है कि पर्याप्त बिजली सप्लाई लगातार जारी रखी जाए, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिजली की कमी के कारण किसानों की फसल खराब हुई या पैदावार में कमी आई तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। फसल के नुकसान की भरपाई के लिए किसान संगठनों की ओर से संघर्ष को और तेज किया जाएगा।