घनौर के अंतर्गत आते गांव नौगावां में एक मजदूर नौजवान की संदिग्ध हालात में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के तीन दिन बाद युवक का शव गांव के ही एक तालाब से बरामद किया गया। मृतक के परिवार के मुताबिक उसके शरीर और सिर पर गंभीर चोटों के निशान बने हुए थे। परिवार का आरोप है कि विजय का कत्ल करके शव को तालाब में फेंका गया है। परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर नामजद आरोपियों को बचाने का सीधा आरोप लगाते हुए रोष प्रदर्शन किया। मृतक विजय कुमार गांव में ही एक व्यक्ति के यहां मजदूरी का काम करता था। परिजनों और ग्रामीणों—जिनमें एडवोकेट जसपाल सिंह और राजवंत कौर शामिल हैं का आरोप है कि विजय कुमार की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और बाद में उसकी हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया गया। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद जब शव तालाब से बाहर निकाला गया, परिवार ने बताया उसके सिर पर स्पष्ट रूप से चोट के निशान थे। परिजनों का यह भी आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस गंभीर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रही है। थाना शंभू के मुखी स्वर्ण सिंह ने जानकारी दी कि परिवार के बयानों और मांग के आधार पर नियमानुसार पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके अलावा, मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का रोष और अंतिम संस्कार से इनकार मामले में पुलिस की ढिलाई और किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने गांव की धर्मशाला में एकत्रित होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और रोष प्रदर्शन किया। नाराज परिवार ने चेतावनी दी है कि जब तक इस जघन्य कृत्य में शामिल असली आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे मृतक विजय कुमार का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।