पंजाब में ढाई महीने से अंदरूनी कलह से जूझ रही कांग्रेस को हाईकमान का कड़ा संदेश मिल गया है। यह संदेश मंगलवार को नए प्रभारी सचिन पायलट के चंडीगढ़ पहुंचने से पहले ही धड़ों के कांग्रेसी नेताओं तक पहुंच गया था। उन्हें साफ कर दिया गया था कि पंजाब फतेह के लिए सभी कांग्रेसियों की एकजुटता जरूरी है, वरना हाशिये पर जाने के लिए तैयार रहें। यही वजह थी कि मंगलवार को कांग्रेस के रोष प्रदर्शन के दौरान सचिन पायलट के मंच पर सभी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एक साथ नजर आए। यह हाईकमान के अंदरूनी कलह के खिलाफ दिए गए कड़े संदेश का ही नतीजा था। सूत्रों ने बताया कि पार्टी की ओर से सूबे में करवाए गए दो सर्वेक्षणों में यह दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस ही पंजाब में इस बार सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को कड़ा मुकाबला दे सकती है, बशर्ते सभी नेता एकजुट हो जाएं। नए प्रभारी पायलट भी कह चुके हैं कि पंजाब में उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी से ही है। उधर, सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि नेताओं में धड़ेबाजी रहती है तो पार्टी सरकार बनाने के लिए सीटों के आंकड़े से बहुत दूर रहेगी। यह सर्वेक्षण हर सीट पर मतदाताओं, स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक तथा स्थानीय समीकरणों के आधार पर किया गया था। पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बताते हैं कि करीब ढाई महीने से पंजाब कांग्रेस के नेताओं के बीच प्रदेश नेतृत्व व सीएम फेस के संदर्भ में कलह चल रही है, मगर हाईकमान इसमें सीधे हस्तक्षेप से दूरी बनाए हुए था।