कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशा तस्करी को लेकर पंजाब सरकार तथा केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों के गैंगस्टरों और नशा तस्करों से संबंध हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की। रंधावा ने अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से सामने आए मामलों का हवाला देते हुए कहा कि जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े कथित आपराधिक नेटवर्क पर ड्रग तस्करी, हत्या की सुपारी, फिरौती और हथियारों की तस्करी जैसे आरोप हैं। अमेरिकी अभियोजन के अनुसार, इस नेटवर्क के 1,000 से अधिक सदस्य और सहयोगी दुनिया के विभिन्न देशों में हैं, जिनमें 100 से अधिक अमेरिका में बताए गए हैं। उन्होंने जेलों से गैंग संचालित होने का आरोप लगाते हुए केंद्र से जवाब मांगा। रंधावा ने कहा कि यदि अपराधी जेल के अंदर से भी नेटवर्क चला रहे हैं तो जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। रंधावा ने पुलिसकर्मियों को वर्दी में आने-जाने से रोकने संबंधी कथित एडवाइजरी का भी मुद्दा उठाया और इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा। हालांकि, पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्दी न पहनने संबंधी ऐसी कोई आधिकारिक एडवाइजरी जारी नहीं हुई और सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेश को फर्जी बताया है। रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित पंजाब दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को केवल यात्राओं के बजाय नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार पर गैंगस्टरों के रिश्तेदारों को कथित वीआईपी सुविधाएं देने के आरोप भी लगाए और इन आरोपों की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर नशा तस्करी, फिरौती और संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।