कांग्रेस नेता और पूर्व इंप्रूवमेंट ट्रस्ट चेयरमैन दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर में सियासी माहौल गरमा गया। बस्सी के समर्थन में कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने सिविल लाइन थाने के बाहर पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्षदों को कथित तौर पर पुलिस द्वारा धक्के देकर थाने से बाहर निकालने का वीडियो भी सामने आया है। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि दिनेश बस्सी को पुलिस ने पूछताछ में सहयोग के लिए थाने बुलाया था, लेकिन बाद में उन्हें अंदर बैठा लिया गया। पार्षद संजीव टांगरी ने आरोप लगाया कि जब वे अन्य पार्षदों के साथ थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने इसे चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कहा कि राजनीतिक दबाव में बस्सी को मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। पार्षद रमन रम्मी ने आरोप लगाया कि करीब 50 पुलिस कर्मचारियों ने पांच पार्षदों के साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाने के अंदर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की जा रही थी। रम्मी ने चेतावनी दी कि गलत कार्रवाई होने पर पार्षद मौके पर ही गिरफ्तारी देंगे। पार्षद सतीश बल्लू ने कहा कि बस्सी पुलिस के बुलावे पर खुद थाने पहुंचे थे और पार्षदों के साथ एसएचओ के कमरे में बैठे थे।