अमृतसर में मजीठा हलके के गांव चविंडा देवी में बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहली लोक मिलनी की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ शिरोमणि अकाली दल और उसके नेताओं पर तीखे राजनीतिक हमले किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में अब परचियों, खर्चों और कथित गुंडागर्दी की राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। लोग अब विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और बेहतर सड़कों की राजनीति चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने बिजली, सड़क, स्कूल, अस्पताल, खेल और रोजगार के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम किया है। मान ने अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधते हुए नशे और धार्मिक मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अकाली शासन के दौरान नशे के कारोबार ने पंजाब के युवाओं और परिवारों को बड़ा नुकसान पहुंचाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने भाषण में किसी विस्तृत जांच या आधिकारिक साक्ष्य का उल्लेख नहीं किया। मुख्यमंत्री ने अकाली नेतृत्व पर धर्म को राजनीति के लिए इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि परमात्मा की चक्की देर से चलती है, लेकिन पीसती बहुत बारीक है। मान ने कहा कि पंजाब की जनता अब डर की राजनीति से बाहर निकलकर विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहती है।