लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में श्री अखंड पाठ साहिब शुरू करवाया गया। अखंड पाठ का भोग 29 अगस्त को डाला जाएगा। इसके बाद खालसा पंथ की ओर से दीवान सजाए जाएंगे। इस मौके पर एसजीपीसी सदस्य अजीब सिंह अभ्यासी ने कहा कि कई बंदी सिख अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों के आरोपियों को समय-समय पर पैरोल मिल जाती है, लेकिन बंदी सिखों को अपनी बुजुर्ग और बीमार माताओं से मिलने के लिए भी पैरोल नहीं दी जाती। उन्होंने जगतार सिंह हवारा की बुजुर्ग माता का भी हवाला दिया। अभ्यासी ने कहा कि कमेटी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में पहले भी रोष मार्च, धरने और सरकार तक आवाज पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने इसे सिखों की जायज और कानूनी मांग बताते हुए धार्मिक, राजनीतिक दलों और सिख संगठनों से श्री अकाल तख्त साहिब की छत्रछाया में एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरी कौम एकजुट होकर आवाज बुलंद करेगी तो केंद्र सरकार तक यह मांग मजबूती से पहुंचेगी।