उमरिया में स्कूली बच्चों ने अपनी परेशानी बताने के लिए अधिकारियों का इंतजार करने के बजाय खुद कलेक्ट्रेट का रास्ता पकड़ लिया। मंगलवार को करकेली जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला के बच्चे स्कूल की ड्रेस पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय को अपनी समस्या बताई और गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाने की मांग की। ग्रामीण भी बच्चों के साथ मौजूद रहे।
बरसात आते ही बंद हो जाता है रास्ता
पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार रास्ता कच्चा होने के कारण बारिश होते ही वहां कीचड़ और पानी जमा हो जाता है। बच्चों को इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। कपड़े और स्कूल ड्रेस खराब होने के साथ चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। लगातार बारिश होने पर रास्ते से पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
छात्रा बोली, ड्रेस खराब होने से स्कूल नहीं जा पाते
छात्रा राशि पाल ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि बारिश के दिनों में सड़क पर बहुत ज्यादा कीचड़ हो जाता है। स्कूल जाते समय कई बार बच्चे गिर जाते हैं और उनकी ड्रेस खराब हो जाती है। ऐसी स्थिति में कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई और उपस्थिति दोनों प्रभावित होती हैं।
छात्र ने कहा, गिरने से लगती है चोट
छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि खराब रास्ते के कारण कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के मौसम में स्कूल जाना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की, ताकि वे बिना किसी डर के नियमित स्कूल पहुंच सकें।
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2.5 किलोमीटर सड़क की जरूरत
ग्रामीणों के मुताबिक NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस मार्ग का सर्वे भी कराया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
कलेक्टर ने दिया अस्थायी समाधान का भरोसा
कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। बच्चों द्वारा बताई गई विद्यालय की समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी को नोट कराया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। कलेक्टर ने कहा कि सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी न हो, इसके लिए रास्ते पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी, जिससे बारिश के दौरान आवागमन सुचारु रखा जा सके।
बच्चों की पहल बनी चर्चा का विषय
स्कूल की ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चों की तस्वीर और उनकी मांग पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी रही। बच्चों ने यह संदेश दिया कि सड़क उनके लिए सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि हर दिन स्कूल पहुंचने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की जरूरत है। अब देखना होगा कि प्रशासन का प्रस्ताव कब मंजूर होता है और पक्की सड़क का इंतजार कब खत्म होता है।