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मंडला: भोपाल में आदिवासी छात्रों से कथित अभद्रता का मामला गरमाया, गोंगपा ने 15 दिन का दिया अल्टीमेटम

Wed, 14 Oct 2026 04:08 PM IST
मंडला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

भोपाल में आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन के दौरान मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है। वायरल वीडियो में थाना प्रभारी पर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वीडियो में छात्रों को कथित तौर पर ‘यहीं कूट दूंगा’ जैसी आपत्तिजनक भाषा से धमकाने का दावा भी किया जा रहा है। मामले को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश टेकाम ने मंडला स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रेसवार्ता में कमलेश टेकाम ने बताया कि गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन महाकौशल और विंध्य क्षेत्र सहित प्रदेश के विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय है। उन्होंने कहा कि 13 अक्टूबर को भोपाल में प्रदेश की शिक्षा नीति, बढ़ती महंगाई, छात्रवृत्ति और एसटी-एससी व ओबीसी वर्ग को मिलने वाली सुविधाओं सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों की स्थिति चिंताजनक है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इन्हीं मांगों को लेकर छात्र संगठन मुख्यमंत्री आवास पर ज्ञापन सौंपने जा रहा था।

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थाना प्रभारी पर अभद्रता और गाली-गलौज के आरोप
कमलेश टेकाम ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार और अन्य पुलिस अधिकारियों ने छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में थाना प्रभारी कथित तौर पर छात्रों को धमकाते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। टेकाम ने इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि छात्र संगठन किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचा था। उन्होंने पुलिस अधिकारी के कथित व्यवहार को निंदनीय बताते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।

डीजीपी कार्यालय में चर्चा का दावा
गोंगपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि मामले को लेकर भोपाल में पुलिस अधिकारियों से चर्चा की गई है। उन्होंने दावा किया कि 14 अक्टूबर की सुबह डीजीपी कार्यालय में भी इस विषय पर बातचीत हुई, जहां संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की बात कही गई। हालांकि, कमलेश टेकाम ने कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग उठाई।

कांग्रेस और उमंग सिंघार ने भी जताया विरोध
इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी विरोध सामने आया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी है। वहीं, मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी घटना पर विरोध जताया है। संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है।

15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
कमलेश टेकाम ने सरकार और प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में मामले की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और आदिवासी समाज पूरे मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री का घेराव भी किया जाएगा। फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर लगाए गए आरोपों और कार्रवाई की मांग के बीच पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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