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आलीराजपुर: माथना में आग ने उजाड़ दी दो परिवारों की दुनिया, बच्चों की किताबों से नकदी-गहने तक जलकर राख

Mon, 12 Oct 2026 04:20 PM IST
झाबुआ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आलीराजपुर

किसी ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए किताबें जुटाई थीं, तो किसी ने पाई-पाई जोड़कर घर में गृहस्थी बसाई थी। लेकिन ग्राम माथना में लगी आग ने देखते ही देखते दो परिवारों की वर्षों की मेहनत को राख में बदल दिया। जिन घरों में रात तक जिंदगी की रौनक थी, वहां अब जला हुआ सामान और बर्बादी का मंजर है। इस अग्निकांड ने दोनों परिवारों के सामने दोबारा जिंदगी शुरू करने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

रात 8 बजे लगी आग, देखते ही देखते दोनों मकान चपेट में आए
चंद्रशेखर आजाद नगर विकासखंड के ग्राम माथना में रात करीब 8 बजे मावला पिता नागला और शकरिया पिता कालिया के मकानों में कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दोनों मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों के बीच दोनों परिवारों की वर्षों की मेहनत से जुटाया गया सामान जलकर खाक हो गया। सामान बचाने और आग बुझाने की कोशिशों के दौरान एक व्यक्ति के झुलसने की जानकारी भी सामने आई है।

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बच्चों की किताबें, नकदी और आभूषण भी जलकर राख
आग ने केवल मकानों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी चीजें भी छीन लीं। घरों में रखी किताबें, पंखे, बिजली के मीटर, नकदी और सोने-चांदी के आभूषण तक जल गए। जिन सामानों को परिवारों ने बड़ी मुश्किल से जुटाया था, वे कुछ ही देर में राख में तब्दील हो गए। इस हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उजड़ी हुई गृहस्थी को दोबारा बसाने की है। घर का जरूरी सामान नष्ट होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

आर्थिक सहायता और मुआवजे की गुहार
हादसे के बाद पीड़ित परिवारों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया जाए और नियमानुसार मुआवजा देकर राहत पहुंचाई जाए। अब पीड़ित परिवारों को प्रशासन की मदद का इंतजार है। वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी खोने के बाद उनके लिए दोबारा सामान्य जीवन शुरू करना आसान नहीं होगा। ऐसे में प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिलना जरूरी है।

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