फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्वालियर: इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, किराए के डुप्लेक्स से चल रहा था खेल, पांच गिरफ्तार

Wed, 16 Sep 2026 11:38 AM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

ग्वालियर पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने शहर में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन सट्टेबाजी और गैंबलिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। शहर के पॉश इलाके विंडसर हिल्स स्थित एक डुप्लेक्स में दबिश देकर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि पुलिस तक इस पूरे नेटवर्क की जानकारी आम लोगों के जरिए पहुंची थी। सूचना मिलने के बाद साइबर क्राइम विंग ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और इसके बाद कार्रवाई की गई।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 3 लैपटॉप और 6 पासबुक सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में चार ग्वालियर और एक दतिया जिले का रहने वाला है। सभी आरोपियों की उम्र करीब 28 वर्ष बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी किराए के डुप्लेक्स में एक साथ रह रहे थे और उन्होंने इसी मकान को अपना कथित ऑफिस बना रखा था। यहां से ऑनलाइन सट्टा, ऑनलाइन गैम्बलिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त का काम किया जा रहा था। आरोपी कथित तौर पर 100 पैनल नाम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम करते थे। पूछताछ में आरोपियों से मिली जानकारी ने पुलिस को चौंका दिया। ASP सुजावल जग्गा के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि उनके नेटवर्क के जरिए एक महीने में करीब 7 से 8 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन होता था। इस हिसाब से सालभर में यह रकम करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

ये भी पढ़ें: सतना: नकली शराब रैकेट का पर्दाफाश, ब्रांडेड बोतल में भरा संदिग्ध तरल, मास्टर माइंड समेत दो को दबोचा

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन में बड़ी संख्या में बैंक खातों की डिटेल मिली है। पुलिस अब इन खातों से जुड़े लोगों और उनमें हुए लेनदेन की जानकारी संबंधित बैंकों से जुटा रही है। साथ ही बरामद मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस जांच में आरोपियों के तार दुबई और श्रीलंका से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ने के संकेत भी मिले हैं। अब साइबर क्राइम विंग यह पता लगाने में जुटी है कि विदेश में बैठे इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और ग्वालियर में गिरफ्तार आरोपियों की इसमें क्या भूमिका थी।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि बरामद बैंक खातों का इस्तेमाल केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी और गैम्बलिंग के लिए किया जा रहा था या इनके जरिए साइबर फ्रॉड की रकम को भी इधर-उधर किया जाता था। बैंकिंग डेटा और तकनीकी जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का मकसद कम समय में ज्यादा पैसा कमाना था। इसी लालच में उन्होंने ऑनलाइन सट्टेबाजी और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त को अपना कारोबार बना लिया।

अब पुलिस की जांच का दायरा गिरफ्तार पांच आरोपियों से आगे बढ़ गया है। कौन-कौन से बैंक खाते इस्तेमाल हुए, करोड़ों रुपये का पैसा कहां गया, विदेशों से कौन लोग जुड़े हैं और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल है, पुलिस इन सारी बातों की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें