शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन भी मां चंद्रिका देवी मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद रहा। मंदिर के मुख्य मार्ग पर अब भी करीब दो फीट पानी भरा हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आने-जाने के लिए दो वैकल्पिक रास्ते खुल चुके हैं। मंदिर को खोलने और आगे की व्यवस्था तय करने के लिए बृहस्पतिवार शाम को मंदिर समिति, प्रशासन, पुलिस और दुकानदारों की संयुक्त बैठक होने की संभावना है। पिछले 18 दिनों से गोमती नदी का पानी सुधन्वा कुंड के बीच से बह रहा है। तेज बहाव और रास्तों पर पांच से छह फीट तक पानी भरने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर समिति ने अमावस्या और नवरात्र के दौरान लोगों से दर्शन के लिए नहीं आने की अपील की थी। बैठक में लिया जा सकता है आगे का फैसला मुख्य मार्ग पर पानी कम होने के बावजूद मंदिर तक पहुंचने में अभी दिक्कत बनी हुई है। दो वैकल्पिक रास्ते खुलने से आवाजाही के विकल्प जरूर बढ़े हैं, लेकिन मंदिर खोलने को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है। बृहस्पतिवार शाम प्रस्तावित बैठक में मौजूदा हालात की समीक्षा कर श्रद्धालुओं के दर्शन और सुरक्षा को लेकर आगे की व्यवस्था पर फैसला लिया जा सकता है।