पूरे उत्तर प्रदेश में एक समान शिक्षा नीति और अमीरी और गरीबी का भाव मिटाते हुए स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर आज अक्टूबर गांधी जयंती के मौके पर लखनऊ में बच्चों ने आवाज बुलंद की है। निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय की शिविर कार्यालय के सामने धरने पर बैठकर बच्चों ने नुक्कड़ नाटक आयोजित कर राज्य में एक समान शिक्षा लागू करने की मांग की है। अपने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बेसिक शिक्षा विद्यालय के सरकारी अध्यापकों की पोल भी खोली है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और सामाजिक-आर्थिक समानता को लेकर बच्चों ने सरकार से कई मांगें की हैं। बच्चों ने कहा कि अमीर हो या गरीब, सभी बच्चों को समान शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। अफसर और मंत्रियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में लें दाखिला बच्चों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा सरकारी वेतन और अन्य सुविधाएं पाने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के बच्चों की पढ़ाई सरकारी विद्यालयों में अनिवार्य होना चाहिए। लाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति के फैसले को लागू करने की मांग बच्चों व पार्टी प्रतिनिधि संदीप पाण्डेय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के वर्ष 2015 के फैसले को लागू करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि सरकारी व्यवस्था में विश्वास बढ़ाने के लिए सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं को ही चुनाव लड़ने और सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। निजी शिक्षण संस्थानों के राष्ट्रीयकरण करने की मांग पार्टी ने निजी शिक्षण संस्थानों के राष्ट्रीयकरण, निजी कोचिंग पर रोक और परीक्षा आधारित मूल्यांकन के स्थान पर शिक्षकों के माध्यम से गुणात्मक मूल्यांकन की मांग की। स्वास्थ्य, खेती, कपड़ा, आवास, परिवहन और दूरसंचार जैसे बुनियादी क्षेत्रों में मुनाफाखोरी पर रोक लगाने की बात भी कही। इसके अलावा डॉ. राम मनोहर लोहिया के सिद्धांत के अनुरूप अमीर-गरीब की आय में अधिकतम दस गुना का अंतर रखने, राजभवन के एक हिस्से को सिविल अस्पताल से जोड़कर चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने और बड़े सरकारी आवासों का उपयोग शिक्षण संस्थानों के लिए करने की मांग की गई। पार्टी ने पूर्ण शराबबंदी और रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग भी उठाई।