इटौंजा इलाके में गोमती नदी का लासा गांव जिन अष्टभुजा देवी लासा के नाम से जाना जाता है,उनका मंदिर पिछले 15 दिनों से लगभग ढाई फिट गहरे पानी में डूबा है। बाढ़ का पानी भरने के बाद ग्रामीण और खुद पुजारी ने गांव के बाहर बाढ़ राहत शिविर में शरण ले रखी है। हरबार मां लासा के भक्त यहां पूजा पाठ किया करते थे। लेकिन, अबकी बार शारदीय नवरात्रि के मौके पर कोई भी मंदिर पर श्रद्धा का एक दीपक भी न जला सका। अकड़ रिया से लेकर लासा गांव तक ग्रामीणों को नाव से लाने ले जाने का काम कर रहे नाहर यादव कहते है कि,बाढ़ के पानी में सब डूब गया ,लोग अपनी जान बचाने और पेट भरने में लगे रहे कोई मंदिर तक आ नहीं पाया। क्योंकि यहां पानी की धारा बहुत तेज है,अभी इसी जगह पर हादसा हुआ था आठ लोग डूब गए थे जिसमें एक लड़के की डूबकर मौत हो गई थी।