साइबर क्राइम का नया ट्रेंड सामने आया है। इसमें व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से मेसेज भेजा जाता है कि आपके खाते से पैसे निकाले गए हैं। फिर तुरंत दूसरा मेसेज भेजा जाता है कि अगर आपने यह ट्रांजेक्शन नहीं किया है तो नो लिखकर भेजें। नो में जवाब देते ही मेसेज में छिपी ऑटो-एक्जीक्यूशन फाइल सक्रिय हो जाती है और हैकर को मोबाइल फोन पर नियंत्रण मिल जाता है। बुधवार को एक सीए के साथ ठगों ने ऐसा ही करके उनके दो बैंक खातों से 1.70 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने न तो किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही कोई ओटीपी साझा किया। सिर्फ एक अनजान नंबर से आए व्हाट्सएप मेसेज के जवाब में नो लिखा और फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके आईसीआईसीआई और इंडसइंड बैंक के खाते से रकम निकल गई। एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक साइबर क्राइम पुलिस पड़ताल कर रही है। क्राइम ब्रांच साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों का विश्लेषण कर रही है। ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ऐसे में आपको क्या सावधानियां बरतनी हैं... किसी अनजान नंबर से रकम निकाले जाने के बारे में व्हाट्सएप मेसेज मिलता है तो जवाब न दें। इसे तुरंत डिलीट कर दें। 2- मेसेज असली है या नकली यह पता लगाने के लिए अपने बैंक के आधिकारिक एप से ही अकाउंट स्टेटमेंट, बैलेंस देखें। 3- बैंक के आधिकारिक अलर्ट और वेरिफाइड कस्टमर केयर नंबरों पर ही भरोसा करें। 4- बैंक की ओर से कभी भी व्हाट्सएप के जरिये ''यस और नो'' वाले मेसेज नहीं भेजे जाते हैं। इसके साथ ही आपको किन बातों का ख्याल रखना है इस पर भी बात करते हैं... अनजान नंबर से आए किसी भी बैंकिंग ट्रांजेक्शन अलर्ट पर तुरंत विश्वास न करें। 2- किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या अटैचमेंट को डाउनलोड न करें। 3- मोबाइल में कोई संदिग्ध फाइल इंस्टॉल हो गई हो तो तत्काल बैंक को सूचित करें। 4- साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करें।