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यूपी के 21 जिलों में भीषण बारिश का हाई अलर्ट, 17 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 02 Sep 2026 07:00 AM IST

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश में 1 से 6 सितंबर 2026 के बीच कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा के साथ आकस्मिक बाढ़, मेघगर्जन और वज्रपात जैसी स्थितियां बन सकती हैं। मौसम की गंभीरता को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने संबंधित जिलों के प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने और संभावित आपदा से निपटने की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावित या संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ और आगरा समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और प्रयागराज में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। 

इसके अलावा पूर्वांचल, मध्य उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, खेतों और जलाशयों के आसपास जाने से बचने तथा गरज-चमक के दौरान सुरक्षित भवनों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। इस बीच प्रदेश में अगस्त महीने में हुई असाधारण बारिश ने भी चिंता बढ़ा दी है। प्रयागराज में अगस्त के दौरान 631.6 मिलीमीटर और बांदा में 646 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1901 से अब तक अगस्त महीने में इन दोनों जिलों में इतनी अधिक बारिश दर्ज नहीं की गई थी। यानी दोनों जिलों ने अगस्त की बारिश के मामले में अब तक का बेहद असामान्य रिकॉर्ड बनाया है। लगातार और अत्यधिक बारिश के कारण नदियों, नालों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलभराव तथा अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में राहत सामग्री, नाव, बचाव दल और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें तथा अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। खासकर नदी, नाले या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, अगले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश के लिए मौसम चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है। सरकार और प्रशासन का जोर समय रहते तैयारी पूरी करने, मौसम की लगातार निगरानी करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तेज राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने पर है।


 

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