यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही अब चीन से मिले पुर्जों की मदद से अपनी एडवांस मध्यम दूरी की मिसाइल विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, इन पुर्जों का इस्तेमाल ईरान की ‘खेबर शेकन’ मिसाइल जैसे हथियार बनाने में हो सकता है। इस मिसाइल की मारक क्षमता करीब 2,000 किलोमीटर बताई गई है, जिससे सऊदी अरब और इस्राइल तक खतरा पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, हूतियों की यह कोशिश उन्हें ईरान पर कम निर्भर बना सकती है और मिडिल ईस्ट में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ा सकती है।