शहर के पुराने बस अड्डे पर लगने वाली किसान जनता मंडी में इस सप्ताह भी प्याज के दाम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी रहे। रविवार को किसान जनता मंडी में प्याज का भाव करीब 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। वहीं सामान्य सब्जी मंडी में प्याज 45 रुपये किलो तक बिकता रहा। दोनों बाजारों के भाव में अंतर के चलते किसान जनता मंडी में खरीदारी करने पहुंचे लोगों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम नजर आई। रविवार को किसान जनता मंडी में सब्जियों की खरीदारी के लिए कुछ लोग पहुंचे, लेकिन प्याज के ऊंचे दाम के कारण ग्राहकों में खास उत्साह नहीं दिखा। लोगों का कहना था कि रोजमर्रा की सब्जियों में प्याज की कीमत लगातार अधिक रहने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर, टमाटर की अच्छी पैदावार होने के बावजूद किसानों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों के अनुसार मंडी में टमाटर के दाम इतने कम हैं कि उत्पादन को बाजार तक पहुंचाने का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। किसानों ने बताया कि रविवार को एक क्रेट टमाटर महज 150 रुपये तक में बिक रही है। ऐसे में खेत से मंडी तक टमाटर पहुंचाने में होने वाला परिवहन खर्च भी कई बार बिक्री मूल्य के बराबर या उससे अधिक पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अच्छी फसल के बावजूद कम दाम मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं उपभोक्ताओं को प्याज जैसी जरूरी सब्जियों के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। इससे एक ओर किसान कम दाम की मार झेल रहे हैं, तो दूसरी तरफ आम लोग महंगी सब्जियों से परेशान हैं।