रामपुर वन मंडल की देवठी पंचायत में मवेशियों पर हमले की घटनाओं के बाद वन विभाग ने एक वयस्क नर भालू को पिंजरे में पकड़ लिया। स्वास्थ्य जांच में स्वस्थ पाए जाने के बाद भालू को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। भालू के पकड़े जाने और जंगल में छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से भालू के मवेशियों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही थीं। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रामपुर के वन मंडल अधिकारी गुरहर्ष सिंह ने बरकल गांव में प्राथमिकता के आधार पर पिंजरा लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गांव में पिंजरा स्थापित कर कई दिनों तक निगरानी की। लगातार प्रयासों के बाद एक वयस्क नर भालू पिंजरे में कैद हो गया। भालू के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग का त्वरित बचाव दल मौके पर पहुंचा। उपवन परिक्षेत्र अधिकारी ललित भारती ने अपनी टीम के साथ भालू को सुरक्षित तरीके से बेहोश किया। इसके बाद पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण बिष्ट ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में भालू स्वस्थ पाया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया। मवेशियों पर हमले की घटनाओं के कारण ग्रामीणों में चिंता बनी हुई थी। भालू के सफलतापूर्वक पकड़े जाने और सुरक्षित रिहाई के बाद लोगों ने राहत महसूस की। ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई के लिए वन विभाग की टीम का आभार जताया।