बाबा बालक नाथ मंदिर पंडोह में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। पांच दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के चौथे दिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। शाम होते-होते मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। कान्हा के जन्म की खुशी में देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। शाम ढलने के साथ ही मंदिर में भक्ति का रंग और गहरा होता गया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे और बीच-बीच में श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। मध्यरात्रि में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, मंदिर में उत्साह चरम पर पहुंच गया। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान कान्हा जी की पालकी का भी भव्य स्वागत किया गया। पालकी के मंदिर परिसर में पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। जन्मोत्सव के दौरान देर रात तक मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य नूतन कौशल ने श्रीकृष्ण की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने मंदिर कमेटी, पंडोहवासियों और श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहत 5 सितंबर को भी कार्यक्रम जारी रहेंगे।