हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में राशन वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डिपुओं में राशन बांटते समय इंटरनेट की धीमी गति और मशीनों के बार-बार हैंग होने की समस्या अब जल्द खत्म होने की उम्मीद है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने जिले के सभी 841 डिपो संचालकों को 4जी तकनीक वाली नई मशीनें उपलब्ध करवा दी हैं। पुरानी 2जी मशीनों के कारण राशन वितरण के दौरान डिपो संचालकों और उपभोक्ताओं दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इंटरनेट की स्पीड कम होने के कारण कई बार मशीन में प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लग जाता था। मशीन हैंग होने या कनेक्टिविटी की समस्या आने पर राशन लेने पहुंचे लोगों को भी इंतजार करना पड़ता था। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंडी के जिला नियंत्रक बृजेंद्र सिंह ने बताया कि पुरानी 2जी मशीनों को बदलकर डिपो संचालकों को नई 4जी मशीनें दी गई हैं। इन मशीनों में आधुनिक तकनीक के साथ हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज और सुचारु होने की उम्मीद है। डिपो संचालकों को नई मशीनों के संचालन के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। यानी मशीनें मिलने के बाद अब संचालकों को इनके इस्तेमाल के लिए अलग से लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई मशीनों के जरिए राशन वितरण शुरू करने के लिए फिलहाल सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग चल रही है। विभाग के अनुसार टेस्टिंग का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्रदेश सरकार अपने सॉफ्टवेयर के माध्यम से इन नई मशीनों का संचालन करेगी। सॉफ्टवेयर को शुरू करने की मंजूरी मिलते ही 4जी मशीनों से राशन वितरण शुरू कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि मशीनें डिपुओं तक पहुंच चुकी हैं और अब मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर के सक्रिय होने का इंतजार है। मंडी शहरी डिपो होल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव डिसिल्वा ने कहा कि 2जी मशीनों के कारण डिपो संचालकों को लंबे समय से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इंटरनेट की धीमी स्पीड के कारण कई बार राशन वितरण में काफी समय लग जाता था। नई 4जी मशीनें मिलने से डिपो संचालकों ने राहत जताई है। उनका कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से राशन वितरण की प्रक्रिया आसान और तेज हो सकती है। मंडी ही नहीं, प्रदेश के अन्य जिलों के डिपुओं में भी नई मशीनें पहुंचाई जा चुकी हैं। अब इनके संचालन के लिए संबंधित सॉफ्टवेयर को शुरू करने की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। सॉफ्टवेयर शुरू होने के बाद नई 4जी मशीनों के माध्यम से राशन वितरण की व्यवस्था लागू हो जाएगी। इस बदलाव से खासतौर पर उन डिपुओं में राहत मिलने की उम्मीद है जहां कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण राशन वितरण प्रक्रिया प्रभावित होती रही है। हालांकि नई व्यवस्था कितनी तेजी से काम करती है, यह सॉफ्टवेयर शुरू होने और मशीनों की वास्तविक नेटवर्क कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगा।