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हिमाचल: दिव्यांग नाबालिग भाइयों से कथित मारपीट का मामला गरमाया, एफआईआर न होने पर मंडी में सड़क पर उतरे लोग

Ankesh Dogra Updated Mon, 07 Sep 2026 03:17 PM IST

सराज क्षेत्र में दो दिव्यांग नाबालिग भाइयों के साथ कथित मारपीट और उन्हें रातभर बंधक बनाए रखने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस में शिकायत दिए जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने से नाराज लोगों ने सोमवार को मंडी शहर में रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। कुल्लू से प्रदर्शन में पहुंचे ज्ञानचंद ने आरोप लगाया कि दोनों भाइयों के साथ मारपीट करने के अलावा उन्हें कथित तौर पर पूरी रात बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उनका वीडियो बनाए जाने और बाद में उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ज्ञानचंद के अनुसार घटना के बाद पीड़ित परिवार की ओर से एसपी मंडी को शिकायत दी गई थी। इसके बाद एसपी और डीएसपी मंडी से कई बार मिलकर मामले में हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से हर बार यही बताया गया कि मामला डीएसपी को सौंपा गया है। वहीं, बच्चों के नाबालिग होने का हवाला देकर एफआईआर दर्ज न करने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती है तो पुलिस प्रशासन इसका स्पष्ट कारण बताए। प्रदर्शनकारियों ने मामले से जुड़े वीडियो, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया पोस्ट, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की। उनका कहना है कि ये साक्ष्य मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार दोनों बच्चे दिव्यांग हैं और काफी उपचार के बाद उनकी आंखों की रोशनी वापस आई थी। आरोप लगाया गया कि मारपीट में एक बच्चे की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है और डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बच्चों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मारपीट की घटना में लगाए गए जातीय उत्पीड़न के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। ज्ञानचंद ने कहा कि उनका उद्देश्य बिना जांच किसी को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी केवल यह जानना चाहते हैं कि एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई और शिकायत के बाद अब तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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