कुल्लू घाटी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं, रोहतांग दर्रे सहित कुल्लू और लाहौल की ऊंची चोटियों पर वीरवार सुबह से ताजा बर्फबारी हो रही है। मौसम के अचानक बदले मिजाज से घाटी में ठंड बढ़ गई है। इसके साथ ही 21 अक्तूबर से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की तैयारियां भी प्रभावित होने की आशंका है। पहाड़ों पर बर्फबारी और घाटी में लगातार हो रही बारिश के चलते कुल्लू और लाहौल में तापमान गिर गया है। लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है और गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। अचानक बदले मौसम ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। बारिश और बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दी का असर और बढ़ गया है। कुल्लू में 21 अक्तूबर से अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव शुरू होना है। इसके लिए आयोजन स्थलों पर तैयारियां चल रही हैं, लेकिन बारिश के कारण इन कार्यों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम के बदले रुख ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ उत्सव की तैयारियों में जुटे आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के बीच अब मौसम के अगले रुख पर नजर रहेगी। खराब मौसम का असर उत्सव की तैयारियों और घाटी में सामान्य गतिविधियों पर कितना पड़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।