फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हमीरपुर की गुरयाह सहकारी सभा में 10.38 करोड़ के गबन का खुलासा, ऑडिट में फर्जी ऋण और रिकॉर्ड में गड़बड़ी

हमीरपुर जिले की द गुरयाह कॉपरेटिव एग्रीकल्चर सर्विसेज सोसायटी में 10 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। वर्ष 2023-24 के वार्षिक अंकेक्षण के दौरान सभा के खातों की जांच में 10 करोड़ 38 लाख 75 हजार 645 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। ऑडिट में फर्जी ऋण और शेयरधारकों से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी का उल्लेख किया गया है। इसके बाद सहकारिता विभाग ने मामले की विस्तृत जांच की। विभागीय जांच में सभा के पूर्व सचिव अश्वनी कुमार के खिलाफ आरोप सामने आए हैं। अब सहकारिता विभाग ने मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए विजिलेंस जांच की सिफारिश की है। ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद सहकारिता विभाग ने सभा की कमेटी को पूर्व सचिव के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाने के निर्देश दिए थे। विभागीय निर्देशों के बाद सभा कमेटी ने मामले में आगे की कार्रवाई के लिए सहकारिता विभाग को अधिकृत किया। इसके बाद सहकारिता विभाग हमीरपुर ने एसपी विजिलेंस, मंडी रेंज को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की सिफारिश की है। विभाग ने पूर्व सचिव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की जांच करने का आग्रह किया है। ऑडिट में सामने आई जानकारी के अनुसार सभा के रिकॉर्ड में फर्जी ऋण से जुड़े मामले और शेयरधारकों के रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गई हैं। 10 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद सभा से जुड़े सैकड़ों शेयरधारकों की चिंता बढ़ गई है। अब उनकी नजर विजिलेंस जांच और उसके बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। हालांकि, गबन के आरोपों से जुड़े अंतिम तथ्य और जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। विजिलेंस जांच और प्राथमिकी के बाद मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। सभा का वर्ष 2024 के बाद का ऑडिट अभी जारी है। सहकारिता विभाग के स्तर पर इसकी प्रक्रिया चल रही है। विभागीय स्तर पर आगामी ऑडिट में यदि वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े और तथ्य सामने आते हैं तो मामले की जांच का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल सामने आई वित्तीय गड़बड़ी और उससे जुड़े आरोपों की जांच आगे विजिलेंस स्तर पर होने की संभावना है। सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर रवि कुमार ने बताया कि ऑडिट में गबन सामने आया था। उनके अनुसार पूर्व सचिव के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश विजिलेंस से की गई है, ताकि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सके। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई विजिलेंस जांच और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर होगी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें