उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में पवित्र गुफा के बाहर लगी सोने-चांदी की परत की मरम्मत के साथ लगती पहाड़ी को सुरक्षित करने और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने को लेकर कार्य किया जाएगा। मंदिर में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार की ओर से निर्धारित मानदेय के आधार पर मानदेय दिया जाएगा। ये मुद्दे शनिवार को मंदिर परिसर में आयोजित न्यास की बैठक में उठाए गए। बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं और आगामी विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता बाबा बालक नाथ न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर स्वामी डोगरा ने की। बैठक में 23 दिसंबर 2025 को आयोजित न्यास की बैठक में रखे गए मुद्दों की समीक्षा की गई। इस दौरान मंदिर परिसर की खाली दुकान में एचपीएमसी की दुकान खोलने, कियोस्क स्थापित करने, चकमोह गांव के हिस्सेदारों को कमरा और पहचान पत्र देने, चकमोह महाविद्यालय में स्वयं वित्तपोषित कार्यक्रम संचालित करने, गोशाला में दूध ठंडा करने के लिए चिलिंग मशीन लगाने और दूध का मूल्य तय करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा मंदिर में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 20 लाख रुपये की वेतन बकाया राशि का भुगतान करने, सरायों में बुकिंग के लिए एलईडी स्क्रीन लगाने, छतों पर सोलर पैनल स्थापित करने, न्यास की ओर से संचालित शिक्षण संस्थानों का विलय करने और करुणामूलक आधार पर न्यास में रिक्त पदों को भरने के मुद्दे भी बैठक में रखे गए। बैठक में कांग्रेस नेता सुभाष ढटवालिया, विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, महंत श्रीश्री 1008 महंत राजेंद्र गिरी, पवन कालिया, चौधरी रोशन लाल, कैप्टन सुरेंद्र सोनी, कैप्टन पुरुषोत्तम चंद शर्मा सहित अन्य न्यासी मौजूद रहे।