पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने लगी है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह भक्तों की आवाजाही बढ़ने से धार्मिक माहौल भी भक्तिमय हो गया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु संचूई पहुंचकर वहां मौजूद शिव चेलों से आशीर्वाद लेने के बाद ही आगे की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। मान्यता के अनुसार संचूई के शिव चेले भगवान शिव के गुरु-चेलों की परंपरा से जुड़े हैं। मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु यहां पहुंचकर शिव चेलों के दर्शन करते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस दौरान शिव चेले श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देकर उनकी सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना करते हैं। यात्रा के बढ़ते क्रम के साथ संचूई में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। दूर-दराज से आने वाले भक्त यहां कुछ समय रुककर धार्मिक परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। कई श्रद्धालु शिव चेलों से आशीर्वाद लेने के बाद जयकारे लगाते हुए मणिमहेश धाम की ओर बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार मणिमहेश यात्रा में संचूई का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां शिव चेलों से आशीर्वाद लेने की परंपरा श्रद्धालुओं की आस्था का अहम हिस्सा है। यात्रा मार्ग पर बढ़ती भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की व्यवस्थाएं भी लगातार जारी हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान संचूई में श्रद्धालुओं की बढ़ती आमद धार्मिक आस्था और परंपरा की तस्वीर पेश कर रही है।