राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऋषिकेश में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस उत्साह और सेवा भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और समाज में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझना भी है। एनएसएस प्रभारी पवन कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाज सेवा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित होता है। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से विद्यार्थी समाज की वास्तविक परिस्थितियों को समझते हैं और जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा निस्वार्थ भाव से सेवा कार्यों में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरुआत 24 सितंबर 1969 को महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी के अवसर पर की गई थी। एनएसएस का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित करवाना और सेवा के माध्यम से शिक्षा की भावना विकसित करना है। एनएसएस का आदर्श वाक्य ‘नॉट मी, बट यू’ है। इसका भाव स्वयं से पहले समाज और दूसरों की सेवा करने की भावना से जुड़ा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को समझाया गया कि सामाजिक जिम्मेदारी केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। रोजमर्रा के जीवन में भी अनुशासन, सहयोग, स्वच्छता, सेवा और जरूरतमंदों की मदद जैसे कार्यों के जरिए समाज के प्रति योगदान दिया जा सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के अवसर पर विद्यालय के स्वयंसेवकों ने सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।