एफआईआर दर्ज न किए जाने के आरोपों को लेकर भाजपा सोमवार को सड़कों पर उतर आई। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राजेंद्र गर्ग की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं ने घुमारवीं थाना का घेराव किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकालते हुए एसडीएम कार्यालय तक मार्च किया। यहां राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है, जबकि राजनीतिक दबाव में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दोनों पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग उठाई। पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से लगाए गए आरोप तथ्यों और दस्तावेजों पर आधारित हैं। यदि सरकार और प्रशासन निष्पक्ष हैं तो भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर भी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में दोनों पक्षों को न्यायालय के समक्ष अपने-अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि निष्पक्ष तरीके से मामले का निपटारा हो सके। राजेंद्र गर्ग ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। भाजपा नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के अधिकारों और न्याय के लिए आवाज उठाती रहेगी।