यमुनानगर। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर पालिका और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को लगातार 21वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने शहर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया और तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही कुरुक्षेत्र में धरने पर बैठे गेस्ट टीचरों की मांगों का भी समर्थन किया। 21वें दिन की हड़ताल की अध्यक्षता संयुक्त रूप से नगरपालिका शाखा प्रधान पपला और अग्निशमन जिला प्रधान विजेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन नगरपालिका शाखा सचिव सुभाष और अग्निशमन जिला सचिव रिंकू कुमार ने किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से 13 मई को किए गए समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है। सरकार के टालमटोल रवैये को देखते हुए राज्य कमेटी ने हड़ताल को चार दिन और बढ़ाकर 30 अगस्त तक जारी रखने का निर्णय लिया है। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पालिका और दमकल कर्मचारियों की मांगों को लेकर लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय, कराधान एवं आपदा प्रबंधन विभागों से जुड़े कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। हड़ताल के कारण कर्मचारियों को परेशानी हो रही है, वहीं आम जनता को भी विभिन्न सेवाओं के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री की कार्यशैली पर उठाए सवाल नगरपालिका कर्मचारी संघ और दमकल कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने संबंधित विभागों के मंत्री विपुल गोयल की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त के बाद मंत्री ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से कोई सार्थक बातचीत नहीं की है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की बजाय आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। यदि सरकार वास्तव में कर्मचारियों और जनता की परेशानी को लेकर गंभीर है तो टकराव की नीति छोड़कर तत्काल कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित मंत्री ही हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से बातचीत नहीं करेंगे तो समस्या का समाधान कैसे होगा। मुख्यमंत्री से वार्ता कराने की मांग सर्व कर्मचारी संघ और संबंधित कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि संबंधित मंत्रियों को निर्देश देकर सभी हड़ताली कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से तत्काल वार्ता कराई जाए और सहमति से लंबित मांगों के पत्र जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलन को बदनाम करने के बजाय बातचीत, विश्वास और न्याय के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सम्मानजनक समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में नगरपालिका और दमकल विभाग के कर्मचारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।