यमुनानगर। इंदौर के स्वच्छता मॉडल का अध्ययन करने के बाद नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी में सफाई व्यवस्था सुधारने की तैयारी में जुट गया है। मेयर सुमन बहमनी और निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में सौ प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। बैठक में कचरा एकत्र करने से लेकर उसके पृथक्करण, परिवहन और वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण तक प्रत्येक चरण को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया। मेयर और आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नियमित रूप से कचरा उठाया जाए। कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गीले और सूखे कचरे का नियमानुसार निस्तारण हो सके। अलग किए गए कचरे को संबंधित प्रसंस्करण संयंत्रों तक पहुंचाकर उसका उचित प्रबंधन किया जाए। सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश भी दिए गए। हर टिप्पर पर रजिस्टर, घर और कचरे का ब्योरा होगा दर्ज निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों को प्रत्येक टिप्पर पर रजिस्टर रखने के निर्देश दिए। इसमें घर का नंबर, मालिक का नाम और एकत्र किए गए कचरे का प्रकार दर्ज करना होगा। किस घर से किस तरह का कचरा उठाया गया, इसका रिकॉर्ड रोजाना तैयार किया जाएगा। इससे कचरा संग्रहण की प्रक्रिया पर नजर रखने और व्यवस्था में जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी। कचरा उठाने से लेकर प्रसंस्करण तक होगी निगरानी बैठक में स्पष्ट किया गया कि केवल कचरा उठाना पर्याप्त नहीं है। उसके परिवहन, पृथक्करण और प्रसंस्करण तक हर चरण की निगरानी जरूरी है। इसके लिए निगम की संबंधित शाखाओं और कचरा संग्रहण एजेंसी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा निर्धारित मानकों के अनुसार काम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। निगम का लक्ष्य यमुनानगर-जगाधरी में सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाकर स्वच्छता का स्तर सुधारना है। इंदौर दौरे के बाद निगम प्रशासन कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठा रहा है। बैठक में कार्यकारी अभियंता हरीश कुमार, सहायक अभियंता सुरेंद्र दहिया, मुख्य सफाई निरीक्षक विनोद बेनीवाल, हरजीत सिंह, गोविंद शर्मा और अमित कांबोज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।