यमुनानगर। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 11 सितंबर को होने वाले चुनाव के लिए प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। उम्मीदवार अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में प्रत्याशी पद हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मतदान के दिन ही परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रधान पद के लिए अधिवक्ता दिनेश चौहान और प्रदीप कुमार राठौर के बीच मुकाबला है। दोनों प्रत्याशी अधिवक्ताओं से संपर्क कर अपनी प्राथमिकताएं बता रहे हैं। उपप्रधान के सामान्य पद के लिए धर्मवीर राठी, जसबीर सिंह राणा और राकेश कुमार बनवाल मैदान में हैं। तीनों प्रत्याशी अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। महिला आरक्षित सीट पर भी मुकाबला उपप्रधान की महिला आरक्षित सीट पर गरिमा सिंह खुराना, काजल ढांडा और रजनेश बाला चुनाव लड़ रही हैं। तीनों महिला अधिवक्ता मतदाताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में समर्थन मांग रही हैं। रजनेश बाला इससे पहले भी उपप्रधान पद के लिए दावेदारी जता चुकी थीं, लेकिन किसी कारणवश उन्हें चुनाव से हटना पड़ा था। इस बार उन्होंने दोबारा मैदान में उतरकर प्रचार तेज किया है। जनरल सेक्रेटरी पद के लिए नितेश बंसल और पंकज शर्मा आमने-सामने हैं। दोनों अपने अनुभव और कार्ययोजना के आधार पर अधिवक्ताओं से समर्थन मांग रहे हैं। वहीं, ज्वाइंट सेक्रेटरी का पद महिला आरक्षित है। इस पद के लिए लक्ष्मी रानी, सीमा कांबोज और शिवानी नागपाल चुनाव मैदान में हैं। खजांची पद के लिए पूजा रानी, साहिल शर्मा और सुमित मनी के बीच मुकाबला है। इस पद पर भी प्रत्याशियों ने प्रचार तेज कर दिया है। चेंबर और पार्किंग बने प्रमुख मुद्दे चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों की ओर से अधिवक्ताओं की सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। चेंबर की समस्या, मल्टी स्टोरी पार्किंग, वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए सुविधाएं, कोर्ट परिसर को बार भवन से बेहतर तरीके से जोड़ने, स्वास्थ्य बीमा और ग्रुप इंश्योरेंस जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। प्रत्याशी इन समस्याओं के समाधान के लिए मजबूत और जिम्मेदार प्रतिनिधित्व देने का भरोसा दिला रहे हैं। कुछ प्रत्याशी चेंबर और मल्टी स्टोरी पार्किंग को प्राथमिकता देने की बात कह रहे हैं, जबकि अन्य स्वास्थ्य और ग्रुप बीमा जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने का वादा कर रहे हैं। महिला प्रत्याशी अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने और सभी के साथ मिलकर समाधान कराने का भरोसा दे रही हैं। अब चुनाव प्रचार का अंतिम दिन बचा है। ऐसे में सभी प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। 11 सितंबर को मतदान के बाद इसी दिन परिणाम घोषित होने से प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं।