सोनीपत। ओला, उबर और रैपिडो की सेवाओं पर रोक लगाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोनीपत ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों ने बुधवार को विधायक निखिल मदान के नाम उनके कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। ऑटो चालकों ने सीएनजी के बढ़े हुए रेट वापस लेने, बिना उचित सत्यापन चल रही बाइक टैक्सियों पर कार्रवाई और ड्राइवरों के लिए जरूरी दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करने की मांग की। ऑटो चालकों ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2025 से टैक्सी का किराया 25 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया था, लेकिन सितंबर 2026 तक भी इसका क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। चालकों के अनुसार सीएनजी के दाम बढ़ने से उनकी रोजाना की आय प्रभावित हो रही है और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। यूनियन ने कहा कि ऑटो चालक अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और चाहते हैं कि ओला, उबर व रैपिडो की सेवाओं पर रोक लगाई जाए, ताकि स्थानीय ऑटो चालकों को काम मिल सके। इसके साथ ही सीएनजी के बढ़े हुए रेट वापस लेने की मांग की गई। बाइक टैक्सियों पर कार्रवाई की मांग ऑटो चालकों ने आरोप लगाया कि बला-बला एप से जो बाइक और गाड़ियां चल रही हैं, उनकी जांच की जाए और उन्हें बंद कराया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए इन वाहनों के चालकों का केवाईसी सत्यापन जरूरी है। यूनियन ने मांग की कि ड्राइवरों के दस्तावेजों और वाहनों की जांच के बाद ही उन्हें व्यावसायिक रूप से चलाने की अनुमति दी जाए। इस दौरान सोनीपत ऑटो यूनियन के अध्यक्ष अमन मोर, सुमित, नितेश अमित समेत अन्य ऑटो चालक मौजूद रहे।