कृषि विज्ञान केंद्र सोनीपत की ओर से हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार संस्थान जींद के मार्गदर्शन में गोहाना में प्राकृतिक खेती पर तीन दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में 24 गांवों के 60 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतिम दिन हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार संस्थान के निदेशक डॉ. करमचंद ने किसानों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि सभी कीट नुकसानदायक नहीं होते, कई कीट और चिड़िया खेती में सहायक भी होते हैं। चिड़िया खेतों से हानिकारक कीड़ों को खाकर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखती है। अगर किसान प्राकृतिक खेती करते हैं तो पर्यावरण का संतुलन अपने आप बना रहता है। प्रशिक्षण संयोजक डॉ. परमिंदर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने सोनीपत जिले में 10 हजार एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा है। इसके तहत किसानों को देसी गाय के लिए 30 हजार रुपये, ड्रम के लिए 3 हजार रुपये और प्रचार-प्रसार के लिए प्रति एकड़ 30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसी उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।