मौसम का मिजाज बदलने और आसमान में काले बादल छाने के साथ हुई गोहाना में बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवा और बूंदाबांदी से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान होने का अंदेशा है। वहीं, बारिश होने पर मंडियों में पहुंची धान की फसल भी भीग सकती है। धान की फसल पककर तैयार होने के कारण किसान इन दिनों कटाई और उपज को मंडियों तक पहुंचाने में जुटे हैं। ऐसे में वीरवार सुबह अचानक मौसम में आए बदलाव ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। तेज हवा से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने का डर है, जबकि बारिश होने पर मंडियों में खुले में रखी धान की उपज प्रभावित हो सकती है। किसानों को खेतों से लेकर मंडियों तक फसल की सुरक्षा की चिंता सता रही है। यदि मौसम और बिगड़ता है तो किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।