फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरखौदा में 41 दिन के धरने के बीच ठेका सफाई कर्मी सोनू की मौत, जांच की मांग

अपनी मांगों को लेकर खरखौदा में 41 दिन से सफाई कर्मचारियों का धरना जारी है। इसी बीच ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मी सोनू की मौत हो गई है। इस घटना से कर्मचारियों में गहरा रोष फैल गया है। सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजा भैया ने धरनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच की मांग की। उन्होंने ठेकेदार, सुपरवाइजर और नगर पालिका सचिव की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। राजा भैया ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार और नगरपालिका कर्मचारी संघ के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते में ठेकेदार, एजेंसी और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को वेतन सहित ड्यूटी पर वापस लेने के आदेश थे। कई नगरपालिकाओं में 12 से 14 सितंबर तक कर्मचारियों की वापसी हो चुकी थी। हालांकि, खरखौदा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। मानसिक प्रताड़ना का आरोप राजा भैया ने आरोप लगाया कि खरखौदा में ठेकेदार और सुपरवाइजर ठेका सफाई कर्मचारियों को परेशान कर रहे थे। वे कर्मचारियों से कह रहे थे कि उन्हें काम पर नहीं लगाया जाएगा। उन्हें नौकरी से हटा दिया गया है, ऐसा कहकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। राजा भैया के अनुसार, सोनू भी इसी मानसिक दबाव से जूझ रहा था। सोनू की मौत और लापरवाही राजा भैया ने बताया कि 14 सितंबर को सोनू को छाती में दर्द हुआ था, जिसकी जानकारी उसने साथियों को दी। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में पीजीआइ रोहतक रेफर किया गया। पीजीआइ रोहतक में उसने अंतिम सांस ली। राजा भैया ने कहा कि नगर पालिका सचिव की समय पर कार्रवाई न करने से सोनू की मौत टाली जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें