नारनौल। हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने का विरोध किया है। एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को सीटीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। जिला महासचिव डॉ. जसवंत यादव ने बताया कि शिक्षा विभाग ने 14 सितंबर के आदेश में न्यायालय का हवाला देते हुए 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर टीईटी पास करने को अनिवार्य किया है। इस आदेश के अनुसार निर्धारित अवधि में टीईटी पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। पांच वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों को इससे छूट दी गई है। पदोन्नति के लिए भी टीईटी पास करना जरूरी किया गया है। जिला प्रधान कृष्ण कुमार नंगली ने कहा अनुभवी शिक्षकों की योग्यता का आकलन 2 घंटे के एचटेट से करना निराधार और अव्यावहारिक है। उन्होंने इसे शिक्षकों के अनुभव और गरिमा पर बड़ा प्रहार बताया। ज्ञापन देने से पहले पंचायत भवन में हुई बैठक में शिक्षकों ने निर्णय लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो प्रदेश के सभी शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। कार्यक्रम में डीएसटी एसोसिएशन के राज्य सचिव महेश यादव, राज्य उपप्रधान सुबे सिंह यादव, डीएसटी एसोसिएशन के राज्य सचिव महेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। ज्ञापन देने वालों में जिला वरिष्ठ प्रधान सुरेश यादव, सचिव अभय सिंह, कनीना खंड प्रधान रामकिशन यादव, अटेली खंड प्रधान मनोज कुमार, नारनौल खंड प्रधान महेंद्र यादव, जिला सचिव सुरेंद्र जोनावासिया व अभय यादव, संगठन सचिव बंसीलाल, जिला संरक्षक सोमदत्त, महिपाल कालोरिया, जिला प्रेस सचिव वेद प्रकाश, पूर्व खंड प्रधान यादव अगेंद्र यादव, सुरेश यादव समेत सैकड़ों प्राइमरी शिक्षक मौजूद रहे।