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कुरुक्षेत्र में महाभारत अनुभव केंद्र सांस्कृतिक व्याख्या और विरासत पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थल : नायब सैनी

सुनील कुमार Updated Fri, 04 Sep 2026 06:30 PM IST

कुरुक्षेत्र। महाभारत अनुभव केंद्र का उद्देश्य महाभारत की महाकाव्य कथा और भगवद्गीता की कालजयी शिक्षाओं को पारंपरिक कहानी कहने और आधुनिक तकनीक के मेल से लोगों तक पहुंचाना है। यह केंद्र सांस्कृतिक व्याख्या, अनुभवात्मक शिक्षा और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण स्थल है। यहां पर ही भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े थे और उन्होंने विश्व के मानव जाति के कल्याण के लिए श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। देश-विदेश के किसी भी व्यक्ति को महाभारत की कथा को आधुनिक तकनीक के जरिए अपने सामने जीवंत देखना हैं तो ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र में आएं। यह कहना है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का। वे शुक्रवार को ज्योतिसर के महाभारत अनुभव केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले ज्योतिसर तीर्थ पर माथा टेका, विधि पूर्वक पूजा अर्चना की। इसके उपरांत महाभारत अनुभव केंद्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने गीता ज्ञान संस्थानम् परिसर में श्री राधा कृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना की और भगवान कान्हा को झूला झुलाया। यहां पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इसके अलावा पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा व भाजपा के जिला अध्यक्ष रमेश सैनी, व भाजपा नेता जय भगवान शर्मा को भी अंगवस्त्र भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाभारत केंद्र लगभग 17 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें एक लाख वर्ग फुट से अधिक इनडोर स्थान है। यहां महाभारत के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत बनाने के लिए ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर), यूवी लेजर तकनीक, प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राफिक प्रस्तुतियों और इमर्सिव विजुअल एक्सपीरियंस जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की इमर्सिव गैलरियों में महाभारत की महत्वपूर्ण घटनाओं, पात्रों और दार्शनिक विषयों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पारंपरिक कथा और आधुनिक तकनीक का यह मेल आगंतुकों को महाभारत की कथा को एक व्यापक और अनुभवात्मक तरीके से समझने का अवसर देता है। इसकी गैलरियां तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाभारत अनुभव केंद्र भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की समकालीन प्रस्तुति करता है। इसके माध्यम से महाभारत और भगवद्गीता के दर्शन को आधुनिक माध्यम से लोगों के सामने रखने के साथ कुरुक्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है। बॉक्स किसानों को धान खरीद में नहीं आएगी कोई समस्या मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क हैं। किसानों की धान की खरीद भी की जाएगी। जिस धान की फसल में ज्यादा नमी होती है, उससे आढ़ती, एजेंसी को समस्या होती है। निर्धारित नमी के पैरामीटर के तहत धान को लेकर आएं। किसानों को फसल खरीद के सीजन में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।

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