हरियाणा राजस्व विभाग द्वारा 1 दिसंबर, 2024 से संशोधित कलेक्टर दर लागू करने की औपचारिक घोषणा के बाद तहसील कार्यालयों में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। संशोधित दरों के लागू होने से कई स्थानों पर जमीन महंगी हो सकती है, जिससे लोग पुराने कलेक्टर रेट पर ही अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। सरवर खराब, रजिस्ट्री में हो रही परेशानी तहसील कार्यालयों में भीड़ अधिक होने और सर्वर बार-बार ठप होने के कारण लोगों को रजिस्ट्री कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से तहसील में जमा लोगों ने बताया कि वे 11 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन सरवर काम नहीं कर रहा है। इसके चलते रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ओटीपी जनरेट नहीं हो पा रही है, जिससे रजिस्ट्री में देरी हो रही है। संशोधित दरों का प्रभाव राजस्व विभाग के अनुसार, ये संशोधित कलेक्टर दर भूमि और संपत्तियों के न्यूनतम रजिस्ट्री मूल्य को परिभाषित करती हैं। इन दरों के लागू होने से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और रियल एस्टेट बाजार को गति मिलेगी। हालांकि, इससे जमीनों की कीमतें बढ़ने की संभावना है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। लोगों की चिंता रजिस्ट्री कराने आए लोगों का कहना है कि अगर आज रजिस्ट्री नहीं हो पाई, तो उन्हें नई दरों के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। कई लोगों ने प्रशासन से अपील की कि सर्वर की समस्या को जल्द से जल्द हल किया जाए ताकि वे अपनी रजिस्ट्री समय पर करवा सकें। प्रशासन की प्रतिक्रिया तहसील कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सर्वर की समस्या को ठीक करने के प्रयास जारी हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि भीड़ को देखते हुए प्रक्रिया को जल्द से जल्द सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।