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जींद: महिला संगठन को मजबूत करने मैदान में उतरी कांग्रेस

जींद। कांग्रेस ने जिले में महिला संगठन को मजबूत करने और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को पार्टी कार्यालय में जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर की अध्यक्षता में महिला संगठन सृजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने के लिए महिलाओं ने आवेदन दिए। कार्यक्रम में दिल्ली में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहीं और जींद जिले की महिला आब्जर्वर नीतू सहरावत मुख्य अतिथि तथा जिला महिला प्रधान लाजवंती ढिल्लो विशिष्ट अतिथि रहीं। नीतू सहरावत ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय होकर महिलाएं न केवल अपने अधिकारों की आवाज मजबूत कर सकती हैं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। लाजवंती ढिल्लों ने कहा कि महिला संगठन को केवल पदों तक सीमित रखने के बजाय इसे गांव और वार्ड स्तर तक सक्रिय किया जाएगा। संगठन में जिम्मेदारी पाने वाली महिलाओं को दूसरी महिलाओं को जोड़ने और उनके मुद्दों को सामने लाने के लिए काम करना होगा। इस अवसर पर रमेश सैनी, पवन दुहन, राजा कंडेला, मंजीत दहिया, बाला शर्मा, राजकुमारी, एडवोकेट सरिता वर्मा, अंजू खटकड़, टीना रानी, पूजा ठाकुर, नीतू, पूजा देवी, सुमन सेवादल, किरण सैनी, पूनम जांगड़ा मौजूद रहे। जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं की भागीदारी को हमेशा महत्व दिया गया है। महिलाओं को संगठन की मुख्यधारा से जोड़ना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को संगठन में जिम्मेदारी दी जाएगी, वे गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर महिला शक्ति को संगठन से जोड़ने का काम करें। महिलाओं से ज्यादा मेकअप करते है देश के प्रधानमंत्री जिले की कांग्रेस आब्जर्वर नीतू सहरावत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को जनता जनार्दन की नहीं केवल अपने हित की पड़ी है। इसलिए अपने जन्मदिवस पर सरकारी स्तर पर दीये जलाने का फरमान जारी करवाते है। प्रधानमंत्री देश के युवाओं का भविष्य संवारने की बजाए अपने को संवारने पर लगे रहते है। एक मेकअप आर्टिस्ट ने बताया था कि प्रधानमंत्री अपने मेकअप पर एक महीने में 20-25 लाख खर्च करते हैं। बगैर मेकअप के प्रधानमंत्री बाहर नहीं निकलते। महिलाओं से ज्यादा तो प्रधानमंत्री अपना मेकअप करते है। प्रधानमंत्री को खुद के सूट-बूट की बजाए देश की जनता, खासकर युवाओं के भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।

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