रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला जेल में भावुक माहौल देखने को मिला। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। जेल प्रशासन ने बहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए। बहनों के लिए मिठाई के साथ चाय-पानी और खाने की व्यवस्था भी की गई। जेल के बाहर सुबह से ही बहनों की भीड़ जुटने लगी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिलाओं को लाइन में लगाकर 15-15 के समूह में जेल की ड्योढ़ी तक प्रवेश दिया गया। यहां निर्धारित व्यवस्था के तहत बहनों और उनके भाइयों को आमने-सामने खड़ा कर राखी बांधने का अवसर दिया गया। भाई-बहनों को करीब दो से तीन मिनट तक बातचीत करने और एक-दूसरे का हालचाल जानने का मौका भी मिला। लंबे समय बाद भाई से मिलकर कई बहनों की आंखें नम हो गईं। रक्षाबंधन के दौरान जेल अधीक्षक दीपक शर्मा ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि राखी बांधने के लिए आने वाली किसी भी बहन को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बहनों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और मुलाकात की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी कराई जाए। जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी पर्याप्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। त्योहार के अवसर पर बहनों को अपने भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने का अवसर मिलने से भावनात्मक माहौल बना रहा।