बहादुरगढ़। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन तीन ग्रामीण सड़कों में जीएसबी और डब्ल्यूबीएम कार्य में कथित अनियमितताओं की खबर का असर हुआ है। मामले में विभाग ने जेई मोहित को सस्पेंड कर दिया है। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय चंडीगढ़ से आई विभागीय टीम ने अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर गत 14 जुलाई को तीनों सड़कों से निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच शुरू की थी। टीम ने मुंढेला-सिदीपुर, जरदकपुर-गंगड़वा और ईस्सरहेड़ी-झाड़ौदा मार्ग का निरीक्षण किया था। तीनों सड़कों पर करीब एक किलोमीटर के दायरे से जीएसबी और डब्ल्यूबीएम के दो-दो सैंपल लिए गए थे। इन्हें विभागीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट के आधार पर अब कार्रवाई की गई है। दरअसल, करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से इन तीनों सड़कों का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित करीब 9 इंच मोटी जीएसबी परत के बजाय कई स्थानों पर पुरानी सड़क की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। वहीं, डब्ल्यूबीएम कार्य में निर्धारित क्रेशर सामग्री की जगह रेत इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जीएसबी और डब्ल्यूबीएम के नाम पर करीब 50 लाख रुपये का भुगतान जारी किया जा चुका है। साथ ही निर्माण कार्य निर्धारित छह माह की अवधि में पूरा नहीं होने के बावजूद ठेकेदार पर जुर्माना नहीं लगाने और समय विस्तार की औपचारिक अनुमति नहीं लेने के आरोप भी हैं। पूर्व पार्षद जसबीर सैनी सहित विभागीय स्तर पर शिकायत मुख्यालय तक पहुंचाई गई थी।